
जोधपुर, राजस्थान – रात का वक्त
रूह इस वक्त टेरेस पर आराम से बैठी हुई थी और सामने चांद को देखते हुए वो सूर्यांश की शिकायत कर रही थी। लेकिन जब उसने सूर्यांश की आवाज सुनी, तो उसने पलट कर देखा। सूर्यांश अपने दोनों हाथ बांधे वहीं खड़ा हुआ था और उसे ही देख रहा था।







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