गोवा, इंडिया — सुबह का वक्त।
सूर्यांश की नज़रें रूह के चेहरे पर टिकी हुई थीं, जो मासूमियत से उसे ही देख रही थी। और उसकी इस मासूमियत पर सूर्यांश को और भी ज्यादा प्यार आ रहा था। वो धीरे से बोला, "समझदार हो गई हो।"

गोवा, इंडिया — सुबह का वक्त।
सूर्यांश की नज़रें रूह के चेहरे पर टिकी हुई थीं, जो मासूमियत से उसे ही देख रही थी। और उसकी इस मासूमियत पर सूर्यांश को और भी ज्यादा प्यार आ रहा था। वो धीरे से बोला, "समझदार हो गई हो।"

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