जैसलमेर, इंडिया – रात का वक्त।
वृष्टि की आंखों में आंसू देखकर कृतार्थ ने धीरे से उसके गाल पर हाथ रखा और बोला, "तो इसमें रोने वाली कौन सी बात है? तुम्हें खुश होना चाहिए कि तुम्हें एक ऐसा हस्बैंड मिला है जो तुम्हारी फिक्र करता है, जो तुम्हारे बारे में सोचता है। और तुम हो कि रो रही हो? मतलब मैं एक अच्छा हस्बैंड नहीं हूं?"







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