मुंबई, इंडिया, रात का वक्त।
विरांश चारों तरफ देख रहा था क्योंकि घर की कंडीशन कुछ ठीक नहीं थी। सामान टूटा-फूटा, बिखरा हुआ था। ऐसा लग रहा था जैसे वहां कोई भूकंप आया हो। और फिर अगले ही पल, विरांश की आंखों में गुस्सा उतर आया।

मुंबई, इंडिया, रात का वक्त।
विरांश चारों तरफ देख रहा था क्योंकि घर की कंडीशन कुछ ठीक नहीं थी। सामान टूटा-फूटा, बिखरा हुआ था। ऐसा लग रहा था जैसे वहां कोई भूकंप आया हो। और फिर अगले ही पल, विरांश की आंखों में गुस्सा उतर आया।

Write a comment ...
Write a comment ...