क्रूज पर अद्वय की बात सुनकर और उसकी मुस्कुराहट देखकर राध्या के तन–बदन में आग लग गई। उसने अद्वय को देखा और बोली, “ज़्यादा ओवर स्मार्ट बनने की ज़रूरत नहीं है। तुमने जो कुछ भी किया है ना, उसे छिछोरापन कहते हैं। एक तो बिना मेरी परमिशन के तुमने मुझे टच किया।”
अद्वय राध्या को देखकर बोला, “सीरियसली, बिना तुम्हारी परमिशन के? लेकिन जब मैं तुम्हें टच किया तो मुझे ऐसा कहीं से भी नहीं लगा कि तुम्हें ये अच्छा नहीं लग रहा है या तुम्हें पसंद नहीं आ रहा है। You are enjoying, right?







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