अद्वय राध्या को अपनी बाहों में लेकर खड़ा हुआ था। दोनों सामने की तरफ देख रहे थे। सामने का नज़ारा बेहद खूबसूरत था। वो इस वक्त बालकनी में थे और नीचे का गार्डन एरिया नज़र आ रहा था। उस एरिया में रोज़ प्लांट लगे हुए थे। हर एक कलर का गुलाब था, ऐसा कोई भी कलर नहीं था जो वहां मौजूद न हो।
और वो गुलाब पूरे खिले हुए थे। मतलब ऐसा लग रहा था वो अलग दुनिया है। हर तरफ बटरफ्लाइज थीं, कलरफुल बटरफ्लाइज, जो वहां उड़ रही थीं।







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