मुंबई, इंडिया।
अद्वय राध्या को बेहद प्यार से अपने हाथों से खाना खिला रहा था। राध्या की नज़रें अद्वय से हटाने का नाम ही नहीं ले रही थीं। तभी अद्वय ने अपनी नज़रें उठाकर उसे देखा और बोला, “जान सकता हूँ, ऐसे क्यों देख रही हो?”

मुंबई, इंडिया।
अद्वय राध्या को बेहद प्यार से अपने हाथों से खाना खिला रहा था। राध्या की नज़रें अद्वय से हटाने का नाम ही नहीं ले रही थीं। तभी अद्वय ने अपनी नज़रें उठाकर उसे देखा और बोला, “जान सकता हूँ, ऐसे क्यों देख रही हो?”

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