
जोधपुर राजस्थान लगभग 1 महीने बाद रूह अपने कमरे में थी और वो दीवार पर लगे सूर्यांश के फोटो को देख रही थी वो। उसे फोटो को देखते हुए बोली, “कब वापस आने वाले हैं आप? हमें नहीं पता, हुकुम सा। बहुत वक्त हो गया है, अब और बर्दाश्त नहीं होता। आप जिस हाल में हमें छोड़ कर गए थे, आपको बिल्कुल भी तरस नहीं आया हमारे ऊपर? ये भी नहीं सोचा कि हमें कैसा लगेगा? आप आइए, एक बार अच्छे से खबर लेंगे आपकी।”
बोलते हुए वो फोटो को ही देख रही थी, तभी मीनाक्षी ने उसके कंधे पर हाथ रखा और बोली, “क्यों खुद को इस तरह से टॉर्चर कर रही हो? वो आप नहीं है। क्यों आस लगा कर बैठी हो, जो कभी पूरी नहीं होने वाली?”







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