
Mumbai India, रात का वक्त। अधृत इस वक्त नज़्म के चेहरे के बस कुछ दूर था। उसकी गर्म सांसे नज़्म को अपने चेहरे पर महसूस हो रही थी। उसने कसकर अपनी आंखें बंद कर ली। डर की वजह से उसकी बॉडी हल्की-हल्की कांप रही थी। कमरे में पूरी तरह से सन्नाटा फैला हुआ था, बस बाहर हो रही बारिश की आवाज आ रही थी और बीच-बीच में बिजली के खड़कने की।
वो बस नज़्म के ऊपर झुका नज़्म को देख रहा था। धीरे-धीरे उसने अपनी नजरों को नीचे की तरफ बढ़ना शुरू कर दिया। उसकी पूरी बॉडी को देख रहा था। तभी उसे फील हुआ उसका dick रिएक्ट कर रहा है, जिसे महसूस करते ही उसकी आंखें एकदम से बड़ी हो गई। उसने नज़्म के चेहरे को देखा और बोला, “आंखें खोलो अपनी।” लेकिन नज़्म ने अपनी आंखें नहीं खोली थी।








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