
मुंबई, इंडिया। सुबह का वक्त। बारिश थम चुकी थी, आसमान बिल्कुल साफ था, और ये सुबह बेहद खास थी। बेड पर नज़्म इस वक्त आराम से सोई हुई थी। धीरे-धीरे कसमसाते हुए धूप की वजह से उसकी नींद खुली। उसने अपनी आंखों को रब किया और उठकर बैठ गई। उसने अंगड़ाई ली और धीरे से अपनी आंखें खोल कर देखा, तो सामने इस वक्त अधृत shirtless बैठा हुआ था।
अधृत को देखकर वो एकदम से हड़बड़ा गई, और उसने खुद को देखा, तो उसका ब्लैंकेट उसके बदन से नीचे गिरा हुआ था। उसने एकदम से ब्लैंकेट को उठाकर खुद को कवर कर लिया और अपनी बड़ी-बड़ी आंखों से अधृत को देखने लगी, जो सिर्फ उसे ही देख रहा था। और उसकी आंखों में इस वक्त जो था, वो बेहद अलग था। शायद ये डिज़ायर थी।








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