
दिल्ली, इंडिया
फना इस वक्त अर्ध के साथ उस बंद कमरे में थी और अर्ध का हाथ इस वक्त नीचे की तरफ सरक रहा था। उसने उसकी पेंट को खोलने के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाया ही था कि फना ने उसके हाथ को पकड़ा और बोली, "तुम्हें जो कुछ भी चाहिए, मैं घर जाकर दे दूंगी। यहां नहीं प्लीज।"








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