
मुंबई, इंडिया, मल्होत्रा इंस्टीट्यूट, अक्स का केबिन। वफ़ा इस वक्त अक्स की टेबल पर बैठी हुई थी और वाइब्रेटिंग एग उसकी पुसी के अंदर था। अक्स उसके पैरों के बीच खड़ा हुआ था और उसके चेहरे को देख रहा था जो इस वक्त पसीने से भरा हुआ था। उसने अपना हाथ ले जाकर उसके क्लिट पर रखा और उसे अपने थंब से रब करना शुरू कर दिया।
वफ़ा को ये डबल स्टिमुलेशन हैंडल नहीं हो रहा था। वफ़ा का पूरा शरीर गर्म हो चुका था। वो हांफते हुए बोली, "ओह गॉड! नो प्लीज... आई एम कमिंग... नो, मैं नहीं कर सकती, प्लीज स्टॉप इट! मैं कॉलेज में हूं।"







Write a comment ...