
मुंबई: सुबह का वक्त
अधृत हॉल में आराम से बैठा हुआ था, तभी उसकी नज़र सामने खड़े शख्स पर गई। उसे देखकर उसके एक्सप्रेशन हल्के से बदल गए। वो कोई और नहीं बल्कि विदित था। विदित को देखकर वो सर्द आवाज़ में बोला, "तुम यहाँ क्या कर रहे हो?"


मुंबई: सुबह का वक्त
अधृत हॉल में आराम से बैठा हुआ था, तभी उसकी नज़र सामने खड़े शख्स पर गई। उसे देखकर उसके एक्सप्रेशन हल्के से बदल गए। वो कोई और नहीं बल्कि विदित था। विदित को देखकर वो सर्द आवाज़ में बोला, "तुम यहाँ क्या कर रहे हो?"

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