
गुजरात, इंडिया।
रात का वक्त। एक दिन बाद मुंद्रा पोर्ट यहाँ आज कुछ ऐसा होने वाला था जो सबकी जिंदगी बदलने वाला था; फना की, अर्ध की, सबकी। उस पोर्ट के एक सुनसान हिस्से में बड़े-से कंटेनर्स के बीच एक बहुत बड़ा वेयरहाउस था और उसे काफी अच्छी तरीके से सजाया गया था।








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