
राजस्थान, जैसलमेर।
आशिका इस वक्त अग्नि की गोद में बैठी हुई थी और अग्नि उसकी आँखों में देख रहा था। तभी वो हल्का सा मुस्कुरा कर बोला, "लिटिल बर्ड, तुम्हारे थप्पड़ भी किसी इनायत से कम नहीं हैं। मुझे तकलीफ तुम्हारे थप्पड़ से नहीं हुई, तुम्हारी आँखों में नफरत से होती है। तुम मुझे मारो, जलील करो या मेरी बॉडी पर कोई भी जख्म दो, मुझे फर्क नहीं पड़ता। बस अपनी इन आँखों में मेरे लिए वो नफरत मत लेकर आना जो मुझे जिंदा जला देगी।"











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