
रशिया सेंट पिट्सबर्ग
अधृत की उंगलियां नज़्म की ड्रेस की डोरी को खींच रही थीं। नज़्म के लिए सांस लेना मुश्किल हो रहा था। अधृत की वो डार्क नज़रें जैसे उसे पूरी तरह से निगल जाना चाहती थीं। कमरे का माहौल पूरी तरह से अलग था। फायरप्लेस की वो आग की लपटें दोनों के चेहरे पर पड़ रही थीं और उनके चेहरे और भी ज्यादा अट्रैक्टिव लग रहे थे। नज़्म का दिल बेहद ज़ोरों से धड़क रहा था।










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