
जैसलमेर, राजस्थान।
आशिका की चीख पूरे सर्वेंट क्वार्टर में गूंज गई। सामने अग्नि खड़ा था, उसकी पीठ आशिका की तरफ थी और उसने अपनी शर्ट उतारी हुई थी। लेकिन जो नजारा आशिका ने देखा, उसने उसकी रूह कंपा दी थी। अग्नि की पूरी पीठ खून से लथपथ थी। कुछ पुराने जख्म थे और कुछ नए जख्म थे, जिनसे खून रिस रहा था। पास में वही हंटर पड़ा हुआ था जिसे आशिका सुबह देख कर गई थी।











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