
मुम्बई, इंडिया।
अक्स वफ़ा के कॉल करने के बाद अपने हाथ में पकड़े हुए व्हिस्की के ग्लास को देख रहा था। उसके होंठों पर इस वक़्त खतरनाक मुस्कुराहट थी। उसने एक घूँट भरा और वो बुदबुदा कर खुद से बोला, "इतनी आसानी से पीछा नहीं छोड़ूँगा स्वीटहार्ट। कल तुम यहाँ अपनी मर्ज़ी से नहीं आओगी, तुम मेरी मर्ज़ी से आओगी। आना तो तुम्हें यहाँ पड़ेगा।"










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