
दिल्ली इंडिया सुबह का वक्त
अर्ध ओबेरॉय के होठों पर इस वक्त डेविल सी मुस्कुराहट थी और उसकी वो मुस्कुराहट फना के जिस्म में एक सिहरन पैदा कर रही थी। कमरे का माहौल अचानक से बदल चुका था। फना की सांसें तेज चलने लगी थीं; उसे अब एहसास हुआ था कि गुस्से में वो कुछ ज्यादा ही बोल गई थी।










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