
राजस्थान, इंडिया, जैसलमेर।
अग्नि मुस्कुराकर बोला, "उम्मीद! जब तुम्हारी आंखों में खुद के लिए फिक्र देखी... कितनी भी नफरत करने की कोशिश कर लो तुम मुझसे, लेकिन वो तुम्हारे बस की बात नहीं है। नफरत नहीं कर सकती तुम मुझसे, बस नाराज हो और मुझे वो नाराजगी खत्म होने का इंतजार है। और वो दिन दूर नहीं जब ये नाराजगी पूरी तरह से खत्म हो जाएगी।"











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