
राजस्थान, जैसलमेर, इंडिया।
अग्नि अभी भी आशिका के हाथ को रगड़-रगड़ कर साफ कर रहा था, जिस पर उसका नाम साफ नजर आ रहा था। अग्नि की सांस इस वक्त हद से ज्यादा तेज थी। वो अपने दांत पीसते हुए बोला, "मैंने कहा इसे मिटा आशिका! कुछ भी करो, लेकिन मेरा नाम तुम्हारे हाथ पर नहीं होना चाहिए। यू आर मैरिंग हर्षवर्धन, रिमेंबर दैट!"











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