
चेन्नई, सुबह का वक्त।
अधृत की बात सुनकर ना जाने क्यों नज़्म की आंखों में आंसू आ गए। उसके दिमाग में बस वही एक शब्द गूंज रहा था— "हर रात कोई नई लड़की"। ये थॉट उसे अंदर से ही पता नहीं क्यों मार रहा था। उसने बेडशीट को कसकर अपनी मुट्ठी में जकड़ लिया। अधृत ने उसके बालों को और भी मजबूती से पकड़ा और उसका चेहरा अपने चेहरे के करीब खींचते हुए बोला, "क्या हुआ? जलन हो रही है या गुस्सा आ रहा है? तुम्हें क्या लगा था कि सिर्फ तुम इकलौती हो? तुम्हें सच में लगा था कि तुम मेरे लिए इतना मैटर करती हो?"










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