
मुंबई, इंडिया।
अगली सुबह धीरे-धीरे जब सूरज की रोशनी नज़्म के चेहरे पर पड़ी, तो उसकी आंखें धीरे से खुलीं। वो अभी भी अधृत की शर्ट में थी और उसे शर्ट से अधृत की खुशबू आ रही थी। उसे ऐसा लग रहा था जैसे रात भर अधृत उसके पास ही था। नज़्म ने करवट बदली तो बेड पर कोई नहीं था।











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