
इंदौर, इंडिया, मध्य प्रदेश। मुक्ति की पीठ अभी भी रुध्रित की तरफ थी, लेकिन रुध्रित की पकड़ उसकी कलाई पर मजबूत थी। मुक्ति का दिल सीने से बाहर आने को बेताब था, वहीं बाथरूम में अभी भी शावर के पानी की गिरती हुई आवाज गूंज रही थी।
रुध्रित ने एक झटके से मुक्ति को अपनी तरफ घुमाया, तो मुक्ति ने अपनी आंखें कसकर बंद कर लीं; क्योंकि उसे पता था रुध्रित इस वक्त किस हाल में उसके सामने खड़ा है।










Write a comment ...