
मुंबई, इंडिया। दीवान इंडस्ट्रीज़।
अक्षांश इस वक्त हर्षित के सामने बैठा हुआ था। होंठों पर खतरनाक मुस्कुराहट थी और हर्षित गुस्से में उसे देख रहा था। हर्षित अपने दांत पीसते हुए बोला, "तुम्हारी इस बदतमीजी के लिए तुम जानते हो कि मैं क्या कर सकता हूं?"


मुंबई, इंडिया। दीवान इंडस्ट्रीज़।
अक्षांश इस वक्त हर्षित के सामने बैठा हुआ था। होंठों पर खतरनाक मुस्कुराहट थी और हर्षित गुस्से में उसे देख रहा था। हर्षित अपने दांत पीसते हुए बोला, "तुम्हारी इस बदतमीजी के लिए तुम जानते हो कि मैं क्या कर सकता हूं?"

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