
मुंबई, इंडिया। 'दीवान मेंशन'।
अक्षांश इस वक्त मेहर के चेहरे को निहार रहा था, जैसे वो उसकी रूह को अपनी नजरों में कैद कर लेना चाहता हो। और फिर बिना कुछ बोले, वो कमरे से बाहर निकल गया। मेहर वहीं बालकनी में खड़ी रह गई; उसे अभी भी अक्षांश का टच अपने फोरहेड पर महसूस हो रहा था। उसे समझ में नहीं आ रहा था कि ये कैसी फीलिंग है? वो ये फीलिंग एक्सेप्ट नहीं करना चाहती थी किसी भी कीमत पर नहीं।










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