
लंदन: शाम का वक्त
अग्नि आशिका के करीब आया, तो आशिका पीछे खिसकने लगी। अग्नि ने धीरे से उसके गाल पर हाथ रखकर बोला, "तुम्हें लगता है कि उन चार सालों में मैं खुश था, लिटिल बर्ड? वो वक्त मेरे लिए जहन्नम से कम नहीं था। जो कुछ भी मैं कर रहा था, वो उस नफरत को दबाने का जरिया था जो मुझे खुद से और तुमसे हो गई थी।"










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