
लंदन, रात का वक्त।
अग्नि चुपचाप आशिका को देख रहा था, जो इस वक्त गुस्से में लाल-पीली हो रही थी; क्योंकि इस वक्त उसे मूड स्विंग्स तो हो रहे थे। अग्नि को पता था कि अगर यहाँ वो बहस करने बैठा, तो कोई मतलब नहीं निकलेगा। आशिका के चेहरे पर हल्की सी छटपटाहट थी और आँखों में हल्की सी नमी देखकर अग्नि ने बिना कुछ बोले आशिका की कमर में हाथ डालकर उसे अपनी तरफ खींच लिया।










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