
इंदौर, इंडिया। मध्य प्रदेश।
मुक्ति बेड से खड़े होकर गुस्से में रुध्रित को देख रही थी। उसके इस तरह गुस्से को देखकर रुध्रित को गुस्सा आना चाहिए था, लेकिन वो अलग ही मूड में था। अभी भी बेपरवाह अंदाज़ में बेड पर लेटा हुआ था, जैसे कोई शिकारी अपनी शिकार को छटपटाते हुए देखकर मज़ा ले रहा हो। रुध्रित ने एक झटके में मुक्ति की कलाई पकड़ी और उसे हल्का सा खींचा ज़्यादा प्रेशर के साथ नहीं, उसे भी पता था कि ज़्यादा खींचने पर उसे प्रॉब्लम हो सकती है।










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