
मुंबई, इंडिया।
दीवान मेंशन के स्टोर रूम में मेहर की हालत खराब हो रही थी। जो कुछ भी इस वक्त उसे पता चला था, वो पूरी तरह से सदमे में थी। हर्षित की बात सुनकर... मतलब उसकी फैमिली को हर्षित का सच पता था और वो जानते हुए भी उसकी शादी हर्षित से करवाई गई? क्यों? इतना भरोसा वो अपने घर वालों पर... उसके दिमाग में न जाने कैसे-कैसे थॉट आ रहे थे और सबसे ज्यादा उसे अक्षांश याद आ रहा था। उसने अपने कपड़ों को अपनी मुट्ठी में भर रखा था, तभी उसे हर्षित के पैर टेबल के पास नजर आए। एक पल के लिए वो डर गई, उसने अपनी सांसें ही रोक लीं। डर और घबराहट की वजह से ऐसा लग रहा था जैसे उसे सांस नहीं आ रही हो।










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