
इंदौर, इंडिया, मध्य प्रदेश।
वैदेही के हाथ कांप रहे थे, उनके सर से खून बह रहा था। वो अपने फोन को अपने कान से लगाए हुए रुध्रित के कॉल उठाने का इंतज़ार कर रही थी। जैसे ही रुध्रित ने कॉल पिक किया, वो बिना इधर-उधर की बातें किए एकदम से बोली, "अनर्थ हो गया! कोई मुक्ति को उठाकर ले गया। मंदिर के बाहर एक वैन आई और..." ये बोलते हुए उसकी आँखों में आँसू उतर आए।










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