
इंदौर, इंडिया, मध्य प्रदेश।
रुध्रित का हर वार लावण्या को किसी कसाई के वार से कम नहीं लग रहा था; उसकी बॉडी की हालत खराब हो चुकी थी। खून के छींटे रुध्रित के चेहरे पर थे, लेकिन उसने उन्हें पोंछा तक नहीं था। लावण्या की अब चीख भी नहीं निकल रही थी। रुध्रित ने हंटर जमीन पर फेंका और लावण्या के बालों को मुट्ठी में पकड़कर ऊपर उठाया और उसकी आंखों में देखकर ठंडी आवाज में बोला, "फील इट लावण्या! ये बहुत दर्द है जो तुमने मेरी वाइफ को दिया है। पर एक फर्क है उसे बचाने के लिए मैं था, तुम्हें बचाने के लिए इस पूरी दुनिया में कोई नहीं है... नॉट इवन गॉड।"










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