
न्यू यॉर्क, सुबह का वक्त।
रिद्धिमा इस वक्त यज्ञ के सामने खड़ी उसे घूर रही थी। यज्ञ मुस्कुरा कर बोला, "क्या हुआ बटरफ्लाई? मुझे इस तरह से क्यों देख रही हो? इस तरह से मत देखो, वरना मोहब्बत हो जाएगी। लेकिन मुझे तुम्हारी मोहब्बत नहीं चाहिए, मुझे तुम्हारी नफरत चाहिए; क्योंकि जो मजा नफरत में है, वो मोहब्बत में कहां? जब तुम अपनी गुस्से से भरी आंखों से मुझे इस तरह से देखती हो, तो मेरा दिल जोरों से धड़क उठता है।"










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