
मुंबई, इंडिया।
रात का वक्त, लगभग 1 घंटे बाद अक्स बाथरूम से बाहर आया। उसके पैर लड़खड़ा रहे थे। वफ़ा की नज़रें बाथरूम के दरवाजे पर ही टिकी हुई थीं। वो सोई नहीं थी, क्योंकि अक्स को इस हाल में छोड़कर उसे नींद नहीं आ सकती थी। उसकी नज़र धीरे-धीरे अक्स के कॉक पर गई, जो अभी भी हार्ड था।










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