
मुंबई, इंडिया: दीवान मेंशन
मेहर इस वक्त खुद को ब्लैंकेट से कवर करके लेटी हुई थी और अक्षांश की बात सुनकर उसने अंदर ही अंदर अपनी उंगलियों को बेडशीट में भींच दिया। उसकी पूरी बॉडी में एक सिहरन दौड़ गई थी। अक्षांश की बातें सिर्फ उसके शब्द नहीं थे, एक ऐसा नशा था जो उसके अंदर तक उतर रहा था।











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