
मुंबई इंडिया कंसर्ट वेन्यू। मेहर का दिल इस वक्त इतनी तेजी से धड़क रहा था कि उसे लग रहा था कि कहीं उसका दिल उसके सीने से बाहर ना आ जाए। अक्षांश की आंखें वो डार्क और पजेसिव धीरे-धीरे मेहर पर ही आ रही थीं। माइक थामे वो वापस अपनी ही धुन में गाया जा रहा था, लेकिन वो गाने सारे के सारे मेहर को डेडिकेट थे।
कंसर्ट खत्म होते ही पूरी वेन्यू तालियों से और लड़कियों के चिल्लाने से गूंज उठी। अक्षांश ने स्टेज से ही मेहर की तरफ देखकर एक हल्की सी स्माइल पास कर दी। मेहर ने घबराकर कावेरी को देखा और बोली, "मॉम, यहाँ बस सफोकेशन हो रही है, बहुत भीड़ है। मैं वॉशरूम होकर आती हूँ।"











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