
मुंबई, इंडिया। रात का वक्त।
पेंटहाउस में रिद्धिमा, यज्ञ की उन डार्क और इंटेंस नजरों में खोई हुई थी। कमरे की हल्की सी रोशनी में यज्ञ का चेहरा किसी ग्रीक गॉड (Greek God) की तरह लग रहा था खूबसूरत लेकिन बेहद खतरनाक! उसकी आंखों में एक अजीब सा पागलपन और पजेसिवनेस (Possiveness) थी, जो रिद्धिमा की रूह कंपा रही थी। यज्ञ ने अपनी उंगलियां रिद्धिमा के होठों पर रखीं और उन्हें हल्के से प्रेस करते हुए भारी आवाज में बोला, "बटरफ्लाई, भरोसा एक बहुत कमजोर लफ्ज है। यज्ञ आहूजा किसी पर भरोसा नहीं करता, वो सिर्फ ओन (Own) करता है। और इस वक्त तुम्हारी हर एक सांस, तुम्हारी धड़कन और तुम्हारा ये कांपता हुआ वजूद सिर्फ मेरा है।"











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