
इंदौर, इंडिया, मध्य प्रदेश।
रुध्रित ने मुक्ति के हाथ को पकड़कर खींचा, तो वो सीधा उसके सीने से जाकर टकराई। रुध्रित के मजबूत सीने से टकराते ही मुक्ति की सांस एक बार फिर से अटक गई। उसने मुक्ति की सुराहीदार गर्दन को अपनी उंगलियों से धीरे से सहलाया और अपनी पकड़ हल्की सी उसकी गर्दन पर मजबूत की। उसकी डार्क, नशीली नजरें मुक्ति के चेहरे पर थीं।











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