
इंदौर, इंडिया। मध्य प्रदेश।
रुध्रित इस वक्त बार काउंटर पर बैठा हुआ था सोया हुआ था। मुक्ति ने धीरे से उसके गाल पर हाथ रखा और जैसे ही किसी का टच रुध्रित को महसूस हुआ, वो एकदम से होश में आया और उसने मुक्ति के हाथ को बड़ी ही बेरहमी से झटक दिया। मुक्ति चुपचाप रुध्रित को देख रही थी; वहीं रुध्रित की आंखें इस वक्त सुर्ख लाल थीं। उसने अपने बालों को पीछे की तरफ झटका और एक नजर मुक्ति को देखकर बोला, "तुम यहां क्या कर रही हो? क्या मेरी कल की वार्निंग तुम्हारे कानों के रास्ते से बाहर निकल गई, जो तुम एक कान से सुनकर दूसरे कान से निकाल रही हो?"











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