
मुंबई, इंडिया।
ज्ञान की बात सुनकर यज्ञ के चेहरे पर एक खामोशी छा गई। उसने खिड़की के बाहर देखना बंद किया और अपनी डार्क नजरें ज्ञान के चेहरे पर टिका दीं। गाड़ी के अंदर का टेम्परेचर जैसे अचानक से गिर गया हो। यज्ञ ठंडी आवाज में बोला, "ज्ञान, तुम मेरे सिर्फ मैनेजर हो, मेरे साइकैटरिस्ट नहीं। सो स्टॉप एनालाइजिंग मी। मैं जो कुछ भी कर रहा हूं, अपने लिए कर रहा हूं। यज्ञ आहूजा किसी लड़की के इशारों पर अपनी लाइफ के फैसले नहीं लेता नॉट इवन फॉर माई सो-कॉल्ड बटरफ्लाई।"











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