
मुंबई, इंडिया। रात का वक्त।
रस्तोगी हाउस। क्रियान को अपने बेडरूम में देखकर आर्या सदमे में जा चुकी थी। उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। क्रियान बेडरूम की बालकनी के दरवाजे पर टेक लगाए खड़ा था। उसके हाथ में पॉकेट नाइफ था, जिसे वो अपनी उंगलियों के बीच घुमा रहा था। कमरे की डिम लाइट में उसकी आंखें और भी ज्यादा खतरनाक लग रही थीं।











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