
पुणे, इंडिया।
जैसे ही रिद्धिमा ने संजय को थप्पड़ मारा, संजय का चेहरा एक तरफ झुक गया। उसके चेहरे के एक्सप्रेशन बदल गए। उसने रिद्धिमा को देखा और उसके बालों को जोर से अपनी मुट्ठियों में भींच कर उसके चेहरे को ऊपर उठाया और बोला, "तेरी औकात नहीं है मुझ पर हाथ उठाने की, समझी? तो अपनी बातों को जरा कंट्रोल में रख, वर्ना इन्हें तोड़ने से पहले मैं एक बार भी नहीं सोचूंगा। और जिसके दम पर चल रही है, वो भी तुझे नहीं बचा पाएगा। अरे वो क्या तुझे बचाएगा, उसे तू जैसी लड़कियों में कोई इंटरेस्ट नहीं है। वो बस कुछ वक्त के लिए मजे करता है और फिर छोड़ देता है। सुना है मैंने, लेकिन साला कोई प्रूफ नहीं है। अगर उसके खिलाफ कोई प्रूफ मिले तो उसे भगवान से जानवर बनाने में मुझे वक्त नहीं लगेगा, क्योंकि उसे लोग भगवान समझते हैं। और तुझे शादी करने के पूरे-पूरे एक करोड़ रुपए तेरे घर वालों को दिए हैं, ताकि तुझे शादी के बाद अच्छे से तेरी औकात दिखा सकूं।"











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