
अगला दिन, सुबह का वक्त।
धीरे-धीरे रिद्धिमा की नींद खुली। उसने अपनी नज़रें चारों तरफ घुमाकर देखा, तो इस वक्त वो एक अनजान जगह पर थी। उसे नहीं पता था कि वो कहाँ है। वो उठकर बैठी, तो ये उसका बेडरूम नहीं था। उसने खुद को देखा, तो वो सिर्फ यज्ञ की शर्ट में थी। वो धीरे से बोली, "कहाँ हूँ मैं? कहाँ लेकर आया है मेरा पति मुझे?"













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