
मुंबई, इंडिया रस्तोगी हाउस
आर्या की बात सुनकर क्रियान अपनी भारी आवाज में बोला, "सामने वाले से फर्क नहीं पड़ता, ऑलरेडी डॉक्टर! अगर मुझे तुमसे फर्क नहीं पड़ता, तो मैं आज तुम्हारी फैमिली के सामने हाथ जोड़ने नहीं, बल्कि अपनी सनक को पूरा करने का हक मांगने आता। तुम्हारे घर वालों के सामने तुम्हारा हाथ मांग रहा हूँ! अगर मुझे फर्क नहीं पड़ रहा होता, तो अभी इसी वक्त तुम मेरी बीवी होते, समझी तुम?"













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