
बैंगलोर, इंडिया।
सुबह का वक्त। धीरे-धीरे ऋद्धिया की नींद खुली, तो सबसे पहले उसकी नजर सीलिंग पर गई। वो कुछ पल इस तरह लेटी रही और उसने अपना सिर घुमाकर देखा, तो उसकी बगल में कोई नहीं था बेड खाली था। धीरे-धीरे कल जो कुछ भी हुआ, वो उसके ज़हन में घूमने लगा। वो धीरे से बोली, "What I did, God! I mean, I know him, but how could I do this? उसके साथ सेक्स कर लिया, उसे रोक तक नहीं पाई। I know पहले भी हुआ है, बट इसका मतलब ये नहीं है कि हर बार... God, what the hell is this? What's wrong with me?"













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