
नॉर्वे
वैनिटी वैन के अंदर का माहौल किसी ज्वालामुखी की तरह था। वो असिस्टेंट वहां से जा चुका था। रिद्धिमान ने एक सुकून की सांस लेने की कोशिश की, लेकिन यज्ञ ने उसे संभालने का एक सेकंड भी नहीं दिया। उसका ऑर्गैज्म जो दरवाजा लॉक होने की वजह से डिले हो गया था, वो पूरी बॉडी में एक अजीब सी तड़प बनाकर दौड़ रहा था। यज्ञ की आंखें इस वक्त डार्क हो चुकी थीं। उसने रिद्धिमा के चेहरे को अपने दोनों हाथों में थामा, उसकी उंगलियां रिद्धिमा के गालों में धंस रही थीं। वो गुर्राते हुए बोला, "Butterfly, just relax butterfly and feel this."













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