
बैंगलोर, इंडिया। रात का वक्त।
आर्यांश की बात सुनकर ऋद्धिया के रोंगटे खड़े हो गए। एक तो वो ठंडे पानी से भीगी हुई थी, उसकी शर्ट उसके जिस्म से चिपकी हुई थी और वो ठंड से कांप रही थी। उसके बाल गीले होकर उसके चेहरे पर चिपके थे और उसकी आंखों में इस वक्त डर नहीं था।













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