
इंदौर, इंडिया
मुक्ति की बात सुनकर रुध्रित खामोश रह गया, क्योंकि बात तो वो ठीक बोल रही थी। वो भी अपनी जगह सही थी, गलत नहीं थी। रुध्रित धीरे से बोला, “आई एम सॉरी wifey! मेरी गलती है, उसके लिए प्लीज मुझे माफ कर दो। लेकिन अभी यहाँ से चलो, इससे पहले कि...”













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