
इंदौर, मध्य प्रदेश।
जैसे ही रुध्रित की गाड़ी मुक्ति के कॉलेज के बाहर रुकी, उसे गोली चलने की आवाज़ आई। अगले ही पल चारों तरफ सन्नाटा छा गया। रुध्रित गाड़ी से बाहर निकला और भागते हुए अंदर गया, तो उसकी नज़र मुक्ति पर पड़ी। वो घुटनों के बल बैठी हुई थी और ख़ून के छींटे उसके चेहरे और कपड़ों पर थे। वो काँप रही थी।













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