
देहरादून, इंडिया।
क्रियांश की बात सुनकर शर्व एकदम से उसके पास आया और एक ज़ोर का पंच उसके मुँह पर मारा, तो क्रियांश का चेहरा एक तरफ़ झुक गया था। उसकी कॉलर पकड़कर बोला, "How dare you! सीरियसली, अगर तुझे मेरी दोस्ती बोझ लग रही है तो सीधा-सीधा बोल देना, फालतू का ये ड्रामा करने की ज़रूरत नहीं है। चला जाऊँगा मैं।"













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